BackIPL 2027: आईपीएल 2027 के सीजन से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने सबसे बड़ा दांव खेल दिया है. भारतीय टीम के पूर्व महान ऑलराउंडर और 'सिक्सर किंग' युवराज सिंह को दिल्ली कैपिटल्स का नया असिस्टेंट और बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है. युवराज के शानदार और ऐतिहासिक करियर में यह पहला मौका है जब वह किसी टीम के साथ एक आधिकारिक कोचिंग भूमिका में नजर आएंगे. इस बड़े फैसले की सबसे खास बात यह है कि युवराज सिंह अब मैदान के डगआउट में अपने पुराने कप्तान यानी दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच सौरव गांगुली के साथ रणनीतियां बनाते दिखेंगे. 'दादा' और उनकी पुरानी पलटन के एक साथ वापसी ने दिल्ली कैपिटल्स के फैंस को आईपीएल के पहले खिताब की नई उम्मीद दे दी है.
साल 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने के बाद, युवराज सिंह ने कई युवा भारतीय खिलाड़ियों के करियर को संवारने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे स्टार बल्लेबाजों को व्यक्तिगत रूप से मेंटर किया है. हालांकि, यह पहली बार होगा जब वह आईपीएल में किसी टीम के मुख्य कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बनेंगे. दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक पार्थ जिंदल ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि युवी का विनिंग माइंडसेट और युवाओं के साथ जुड़ने की क्षमता टीम के लिए अमूल्य साबित होगी.
Yuvraj Singh joins Sourav Ganguly's backroom staff at Delhi Capitals, in what will be his first formal coaching role
— Cricinfo (@cricinfo) October 13, 2026
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युवराज सिंह के लिए दिल्ली की टीम में लौटना एक बेहद इमोशनल और खास पल है. खिलाड़ी के तौर पर वह साल 2015 में दिल्ली फ्रेंचाइज के लिए खेल चुके हैं. उस दौरान नीलामी में दिल्ली ने उन्हें 16 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा था, जो उस समय आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी. अब 12 साल बाद वह खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि टीम के बल्लेबाजों को निखारने और उन्हें आक्रामक क्रिकेट सिखाने के लिए नए अवतार में वापस आए हैं.
दिल्ली कैपिटल्स के इस नए कोचिंग स्टाफ ने क्रिकेट फैंस को पुराने सुनहरे दिनों की याद दिला दी है. सौरव गांगुली ही वह कप्तान थे, जिन्होंने साल 2000 में युवराज सिंह को भारतीय टीम में डेब्यू करने का मौका दिया था. इन दोनों दिग्गजों ने भारत को कई ऐतिहासिक मैच जिताए हैं और अब वे कोच के रूप में दिल्ली कैपिटल्स को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं. आईपीएल के पिछले 19 सीजन में दिल्ली की टीम एक बार भी ट्रॉफी नहीं जीत सकी है. ऐसे में गांगुली की कप्तानी और युवराज के आक्रामक अंदाज का यह संगम दिल्ली के खिताबी सूखे को खत्म करने का एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है.