Backनई दिल्ली: पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने तीन मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को पीछे छोड़ दिया। फरहान ने श्रीलंका के खिलाफ आखिरी मुकाबले में 76 रन की पारी खेलकर सीरीज में कुल 238 रन पूरे किए।
अभिषेक शर्मा का रिकॉर्ड टूटा
फरहान ने तीन मैचों की द्विपक्षीय पुरुष टी20 इंटरनेशनल सीरीज में किसी फुल मेंबर टीम के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने का नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के अभिषेक शर्मा के नाम था, जिन्होंने इसी साल अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में 229 रन बनाए थे। फरहान ने 238 रन बनाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया।
लगातार तीसरी फिफ्टी लगाकर हासिल की उपलब्धि
श्रीलंका के खिलाफ रावलपिंडी में खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में साहिबजादा फरहान ने 47 गेंदों पर 76 रन बनाए। यह इस सीरीज में उनका लगातार तीसरा अर्धशतक था। उनकी शानदार बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने तीन मैचों में 238 रन पूरे किए और रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया।
इस रिकॉर्ड लिस्ट में तीसरे नंबर पर कौन?
तीन मैचों की द्विपक्षीय पुरुष टी20 इंटरनेशनल सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में न्यूजीलैंड के कॉलिन मुनरो तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 2023-24 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 223 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर 2019 में श्रीलंका के खिलाफ 217 रन के साथ चौथे और अफगानिस्तान के हजरतुल्लाह जजई 204 रन के साथ पांचवें स्थान पर हैं।
'लगातार अच्छा प्रदर्शन करना मेरा लक्ष्य है'
फरहान ने कहा, 'पहले दो मैचों में जिस तरह हमने शानदार स्कोर बनाया था, आज भी हमारी योजना वही थी, लेकिन यह क्रिकेट है और यहां कुछ भी हो सकता है। हमारा प्रयास लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो अगले मैच में और बेहतर करने पर ज्यादा ध्यान देता हूं। क्रिकेट में आप हमेशा फॉर्म में नहीं रहते, इसलिए मैं अपनी मौजूदा फॉर्म का अधिकतम फायदा उठाना चाहता हूं।'
फरहान की फॉर्म पाकिस्तान के लिए सकारात्मक संकेत
सीरीज में 238 रन बनाने वाले साहिबजादा फरहान ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी में अपनी अहमियत साबित की है। लगातार तीन अर्धशतक लगाना उनकी निरंतरता को दर्शाता है। हालांकि, आखिरी मुकाबले में पाकिस्तान की हार ने यह भी दिखाया कि बड़े व्यक्तिगत प्रदर्शन के बावजूद टीम को गेंदबाजी और अन्य विभागों में बेहतर संतुलन बनाए रखना होगा।