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'बेंच पर बैठकर कौन सा खिलाड़ी तैयार होता है...', वैभव सूर्यवंशी के कोच ने खुलेआम दिया बड़ा बयान, बोले- 'मैनेजमेंट तानाशाही कर रहा है...'

Vaibhav Sooryavanshi : स्टार सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने उन्हें खिलाने को लेकर प्रतिक्रिया दी है. आइए जानते हैं उनपर क्या-क्या कहा.

Vaibhav Sooryavanshi
Vaibhav Sooryavanshi Photograph: (AFP)

Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मौजूदा समय में टीम इंडिया का हिस्सा तो हैं, लेकिन वेस्टइंडीज के साथ खेली जा रही टी-20 सीरीज में वह बेंच पर ही बैठे हुए हैं. शुरुआती 3 मैचों में टीम मैनेजमेंट ने उन्हें एक मैच भी नहीं खिलाया और वह बेंच पर बैठकर बस अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. हेड कोच गौतम गंभीर ने अपने बयान में ये क्लीयर कर दिया था कि जो टीम में पहले से है, उसे पहले मौका दिया जाएगा और बाकियों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ेगा. मगर, अब वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच ने इसपर प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि बेंच पर बैठकर खिलाड़ी तैयार नहीं होते, उन्हें हालातों में ढ़ालकर भविष्य के लिए तैयार किया जाना चाहिए.

वैभव सूर्यवंशी के कोच ने क्या कहा?

15 साल की उम्र में अपने नाम का लोहा मनवा चुके वैभव सूर्यंवशी का बेंच पर बैठना उनके बचपन के कोच मनीष ओझा को बिलकुल पसंद नहीं आ रहा है. उन्होंने साफ तौर पर गौतम गंभीर की सोच पर सवाल किया है. उनका कहना है कि कोई भी दिग्गज यही कहेगा कि बेंच पर बैठाकर अगली पीढ़ी को तैयार नहीं किया जाता बल्कि उन्हें मैच की परिस्थितियों में ढ़ालना होगा.

मनीष ओझा ने कहा, ‘भारतीय टीम का मौजूदा मैनेजमेंट ये सोचता है कि खिलाड़ियों को बेंच पर बिठाकर ही उन्हें तैयार किया जाता है. क्रिकेट के किसी भी दिग्गज से बात कर लीजिए हर कोई यही कहेगा कि अगर हमें अगली पीढ़ी को तैयार करना है तो उन्हें उन हालातों में ढालना होगा, उन्हें खेलने का मौका देना होगा.’

उन्होंने आगे कहा, ‘बेंच पर बैठके रहने से ना तो कोई खिलाड़ी तैयार हुआ है और ना ही होगा. वैभव बाहर बैठकर पानी परोस रहा है, मुझे लगता है कि टीम इंडिया का मौजूदा मैनेजमेंट एक तरह की तानाशाही कर रहा है. जो उनके मन में आता वो वही करते हैं.’

गौतम गंभीर ने बयान में क्या कहा था?

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को मौका देने पर पहले ही अपना पक्ष रख दिया है. उन्होंने कहा था कि, टीम को पता है कि वैभव में कितना टैलेंट है और वह क्या कर सकते हैं. लेकिन जो खिलाड़ी पिछले दो-तीन साल से लगातार प्रदर्शन कर रहा है, वह उस खिलाड़ी से रहेगा, जिसने अभी टीम में कदम रखा है.

जब वैभव की बारी आएगी तो उन्हें लगातार मौके दिए जाएंगे. ड्रेसिंग रूम में कॉम्पिटिशन और टैलेंट होना जरूरी है, लेकिन क्रिकेट में हर खिलाड़ी को कभी न कभी अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है. इंतजार की स्थिति उम्र देखकर नहीं बदलती. चाहे खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का, अगर उसे अपनी बारी का इंतजार करना है तो करना होगा.

वैभव सूर्यवंशी का अब तक का सफर रहा शानदार

आईपीएल 2026 में तहलका मचाने के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में एंट्री मिली. उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर खेली गई 5 मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मैच में डेब्यू किया. हालांकि, 15 साल का ये खिलाड़ी ड्रीम डेब्यू नहीं कर सका, क्योंकि शुरुआती 3 मैच में उनका बल्ला नहीं चला और फिर आखिरी मैच की प्लेइंग-11 से उन्हें बाहर कर दिया गया था. मगर, फिर जिम्बाब्वे दौरे पर सूर्यवंशी ने अपना कमाल दिखाया और ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की.

नतीजन, वह प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए. इसके बाद तो फिर वैभव सूर्यवंशी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है. उन्हें जब भी मौका मिलता है, वह बल्ले से रन बनाते हैं. पिछली बार उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच खेला था, जिसमें उन्होंने 9 गेंदों पर 15 रन की पारी खेली थी. 

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